जौनपुर। जिले के भटवार ग्राम सभा में प्रधान पद के लिए आज उपचुनाव है। मतदान की घड़ी आ गयी है,मतदाता मतदान करके ग्राम प्रधान चुनेगे। एक उम्मीदवार मिठाई लाल यादव चुनाव लड़ रहें है।दूसरे प्रत्याशी राजू को चुनाव लड़ाया जा रहा है। आखिर जो भारी भरकम रकम खर्च करके चुनाव लड़ा रहा।उसके पीछे कोई न कोई सोच है जो यह हो सकता है। नाम का प्रधान रहेगा और प्रधानी असंवैधानिक तरीके से कोई और करेगा। महराजी वयोवृद्ध थी। चुनाव लडाने क्या औचित्य था। कार्यकाल पूरा न हो सका। निधन हो गया। आज उपचुनाव हो रहा है। प्रधानी कौन किया। सब जान रहे है।राजू को कौन लड़ा रहा,खर्च कौन कर रहा है सब जान रहे है। खास बात है कि चुनाव लड़ाने वाले भटवार ग्राम सभा के सबसे निरीह ओबीसी व्यक्ति को ही क्यों चुनाव लड़ाते आ रहें है।ओबीसी सीट है तो किसी अच्छे समझदार को क्यों नहीं चुनाव लड़ाया गया। यह एक ज्वलंत मुद्दा भटवार बर्राह के जनमानस के बीच तैर रहा है जिसका लाभ मिठाई लाल यादव को मिल सकता है। मतदाता बेहद जागरुक है। सब समझ रहे है उन्हें पता है किसको मतदान करना है।राजू को चुनाव लडाने वाले लोग राजनीति के माहिर खिलाड़ी है। येन केन प्रकारेण चुनाव को अपने पाले में लाने की पूरी कोशिश करेंगे। धनबल की ताकत से लोगो को गुलाम बनाने की प्रवृत्ति से भी लोग बचना चाहेंगे,परेशानीओ में धन उधार लिया तो वह तो देना ही है,वोट देने की बाध्यता रहेगी,अगर किसी का मन दूसरे उम्मीदवार की ओर बना तो उधार देने का दबाव बनना ही है। इन्सान के पास धन है तो वापस कर दिया,नहीं तो फिर वो जो कहेंगे वहीं करना है।इसके अलावा उनके पास अनेक हथकण्डे है।ग्राम सभा में नशे के लत को बढ़ावा देना, अनैतिकता को बल देना,आराजकता के माध्यम से लोगो को डरवाना जैसे तमाम अवगुण है तो कुछ अच्छे गुण भी जिसका लाभ कुछ लोगो को मिलता रहता है और वे यशगान करते नहीं अघाते। भटवार बर्राह के अधिकांश लोग बदलाव चाह रहे है। वैसे तो मतदाता सुयोग्य प्रधान चुनने का मन बना लिया है। जेडी सिंह संपादक सतगुरु दर्पण जौनपुर उत्तर प्रदेश