मैग्नेट सिटी मडियाहू। जौनपुर। नगर पंचायत चुनाव की सुगुबुआहट शुरु हो गया है। रणनीतिकार चुनावी गणित बिठाने में जुट गये है। राजनैतिक दल भाजपा सपा और बसपा की नगर पंचायत चुनाव में विशेष रुचि रहतीं है। कभी पहले मडियाहू नगर पंचायत पर भाजपा का कब्जा हुआ करता था।लालजी सेठ 1988 के बाद 1995 मे दो बार तो उनकी पत्नी चन्द्रावती सेठ सन 2000 एक बार नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं।सन 2006 में कमला प्रसाद साहू समाजवादी पार्टी से चुनाव जीते और चेयरमैन की कुर्सी पर विराजमान हुए। 2012 में रजिन्दर कौर निर्दल निर्वाचित हुई।2017 मे रुकसाना निर्दल चुनाव जीतकर अध्यक्ष पद की कुर्सी पर विराजमान है। इधर अगर देखे तो दो चुनाव से नगर पंचायत की राजनीति में निर्दल प्रत्याशी की जीत हुई है। भाजपा उम्मीदवार विनोद सेठ 2017 में चुनाव मैदान में थे और दूसरा स्थान पाकर चुनाव हार गये। बातचीत में उन्होंने कहां कि टिकट के अन्य दावेदार बागी हो गये जिससे भाजपा की हार हुई। छोटे लाल जायसवाल की पत्नी इसके पहले भाजपा से नगर पंचायत अध्यक्ष की उम्मीदवार रही वह भी गुटबाजी की शिकार हुई,उन्होंने बताया कि महत्वाकांक्षा रखने वाले कुछ लोगों ने भाजपा को हराया। कमला प्रसाद साहू दोबारा सपा से जब चुनाव लड़ रहे थे तो सपा के कुछ लोगों ने पार्टी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। ऐसा साहू ने बताया। अब ऐसा लग रहा मडियाहू के लोग दल से हटकर अपने पसंद का नगर पंचायत अध्यक्ष चुनने का परंपरा बना चुके है। चाहे वह निर्दल उम्मीदवार ही क्यों न हो। आगे क्या होगा यह तो वक्त ही बतायेगा। इन दिनों नगर पंचायत मे जो चुनावी हलचल है परमजीत सिंह को कुछ लोग अच्छा उम्मीदवार मानते हुए उनका चुनावी फिजा बनाने में जुटे है।जबकि कमला प्रसाद साहू के समर्थक भी चुनावी माहौल बनाने में लगे है। छोटे लाल जायसवाल भाजपा नेता नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने की अभी से तैयारी में जुट गये है। दिलीप कुमार जायसवाल के चुनाव लड़ने की भी चर्चा है,भाजपा के नामित सभासद नीतेश सेठ ने कहां कि इस बार नगर पंचायत चुनाव में भाजपा को सभी लोग मिलकर जीताने का काम करेंगे।पार्टी जिसको टिकट देती है उसका साथ देकर उसे विजयी बनाया जायेगा। रुकसाना समर्थकों का कहना है कि चाहे जब नगर पंचायत का चुनाव होगा रुकसाना को जनता अध्यक्ष दोबारा बनायेगी। अभी तो बातचीत का हलचल है। आधिकारिक रुप से आगे क्या होना है यह तो समय पर निर्भर करता है। जेडी सिंह