सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण

उस सार्थक मे जो जीना सीख लिया, वह सन्यासी है

एक कहानी मैंने सुनी है—एक था चूहा, एक थी गिलहरी। चूहा शरारती था, दिनभर चीं—चीं करता हुआ मौज उड़ाता। गिलहरी…

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जिसके पास गुरु नही, उसका जीवन अभी शुरु नही

🍁🍁🕉श्री परमात्मने नमः 🙏🙏🍁🍁 गोस्वामी तुलसीदासजी ने एक बड़ी गूढ़ बात कही है रवि पंचक जाके नहीं, ताहि चतुर्थी नाहिं।…

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नृत्य ही पूजा, नृत्य ही ध्यान, आम आदमी आज भी नाच रहा है, सभ्य आदमी नाच भूल गया है

*ओशो:-* नाचने का अर्थ, तुम्हारी ऊर्जा बहे मेरे लिए नृत्य ही पूजा है। नृत्य ही ध्यान है। नृत्य से ज्यादा…

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जो होना है होगा, एतिहात के तौर पर सावधानी जरुरी,प्रकृति ही सब कुछ है जो चाहती है वहीं होता है, सबका अपना -अपना प्रारब्ध है, महाबीर दास

ठाणे।मुबंई।पोखरण रोड के खोपट मे स्थित कबीर मठ के महन्त महाबीर दास जी ने बातचीत के दौरान बताया कि प्रकृति…

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माया जैसा चाहती हैं, सबकों वैसा ही नाच नचाती है, आयु के दिन पूरा कर लेने मात्र से जीव का कल्याण संभव नहीं है

पालघर।मुबंई। परम पूज्य संत स्वामी अडगडानंद जी महाराज ने कहां कि राम राज बैठें त्रैलोका । हरषित भये गये सब…

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मन को परमात्मा मे लगाना, ध्यान द्वारा चित्त को एकाग्र करना,योग का अर्थ क्रमशः: समाधि, जोड़ और संयमन होता है

पालघर।मुबंई योग शब्द का नाम आने पर जनसामान्य में कुछ शारीरिक क्रिया (आसन) की ही अवधारणा का प्रस्फुटन होता है…

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संतो की वाणी में जीवन को सफल बनाने का होता हैं संदेश, कलयुगी जीव कुछ न कुछ दुख भोग रहे,भगवान का नाम कैसे भी जपो लाभ ही होगा,जीवन मे राम नाम हीं आधार है पाप से मुक्ति के लिए,हर हर महादेव

अयोध्या।। न देहबन्धनं कदापि गेहजापि संस्मृति: न लौकिकी कथा कदापि कर्णगोचरा क्वचित् सदैव जन्म पावना हरेजपस्य सद्ध्वनिः दहन्त्यघौघमद्भुतं कलेगतिंच शाश्वतीम्…

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