सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण

नृत्य ही पूजा, नृत्य ही ध्यान, आम आदमी आज भी नाच रहा है, सभ्य आदमी नाच भूल गया है

*ओशो:-* नाचने का अर्थ, तुम्हारी ऊर्जा बहे मेरे लिए नृत्य ही पूजा है। नृत्य ही ध्यान है। नृत्य से ज्यादा…

Read More
ईश्वर की शक्ति से संचालित हो रहा सबका जीवन, अहंकार से बेडा गर्त की ओर

जौनपुर। भगवान की महिमा अपरम्पार है। जिसनें उसे सच्चे दिल से याद किया।उसकी हर मनोकामना पूरी होती हैं।जिसकी जैसी आस्था…

Read More
जो होना है होगा, एतिहात के तौर पर सावधानी जरुरी,प्रकृति ही सब कुछ है जो चाहती है वहीं होता है, सबका अपना -अपना प्रारब्ध है, महाबीर दास

ठाणे।मुबंई।पोखरण रोड के खोपट मे स्थित कबीर मठ के महन्त महाबीर दास जी ने बातचीत के दौरान बताया कि प्रकृति…

Read More
माया जैसा चाहती हैं, सबकों वैसा ही नाच नचाती है, आयु के दिन पूरा कर लेने मात्र से जीव का कल्याण संभव नहीं है

पालघर।मुबंई। परम पूज्य संत स्वामी अडगडानंद जी महाराज ने कहां कि राम राज बैठें त्रैलोका । हरषित भये गये सब…

Read More
मन को परमात्मा मे लगाना, ध्यान द्वारा चित्त को एकाग्र करना,योग का अर्थ क्रमशः: समाधि, जोड़ और संयमन होता है

पालघर।मुबंई योग शब्द का नाम आने पर जनसामान्य में कुछ शारीरिक क्रिया (आसन) की ही अवधारणा का प्रस्फुटन होता है…

Read More
संतो की वाणी में जीवन को सफल बनाने का होता हैं संदेश, कलयुगी जीव कुछ न कुछ दुख भोग रहे,भगवान का नाम कैसे भी जपो लाभ ही होगा,जीवन मे राम नाम हीं आधार है पाप से मुक्ति के लिए,हर हर महादेव

अयोध्या।। न देहबन्धनं कदापि गेहजापि संस्मृति: न लौकिकी कथा कदापि कर्णगोचरा क्वचित् सदैव जन्म पावना हरेजपस्य सद्ध्वनिः दहन्त्यघौघमद्भुतं कलेगतिंच शाश्वतीम्…

Read More