सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

मड़ियाहूं प्रमुख रेखा पप्पू यादव के आयोजकत्व में 29 अप्रैल को भारत रत्न डा.भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह का आयोजन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर होगी चर्चा

. मड़ियाहूं। जौनपुर। भारत रत्न बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह का आयोजन स्थानीय प्रमुख श्रीमती रेखा पप्पू यादव के आयोजकत्व में दिनांक 29 अप्रैल 2026 दिन बुधवार को 1 बजे दिन में मड़ियाहूं ब्लॉक मुख्यालय के सामने बगीचे में संपन्न होगा। यह जानकारी जिला पंचायत सदस्य प्रेम नारायण यादव बाबा जिला पंचायत सदस्य ने दी है। जयंती सामारोह में डा. बी.आर.अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा होगी। विचारधारा और सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक बाबा साहब को याद किया जायेगा। उनके व्यक्तित्व संघर्ष, बुद्धिमत्ता और आत्मसम्मान के खास मायने हैं। बताया जाता है कि
अंबेडकर कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधि ली,और अर्थशास्त्र, कानून, समाजशास्त्र, धर्म और राजनीति में गहरी पकड़ रखते थे। उनके पास 32 डिग्री थीं और 9 भाषाओं का ज्ञान था। वे मानते थे कि शिक्षा ही शोषण से मुक्ति का सबसे बड़ा हथियार है, इसलिए उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित बनो, संघर्ष करो” का नारा दिया।

उन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत को सीधे चुनौती दी। व्यक्तिगत अनुभव से निकली पीड़ा को उन्होंने पूरे समाज की संरचनात्मक असमानता के विश्लेषण में बदला। आंदोलनों से लेकर संविधान निर्माण तक, उनका जोर हमेशा गरिमा और समान अधिकार पर रहा। वे समझौते के बजाय सिद्धांतों पर अडिग रहते थे।
अंबेडकर कानून, संविधान और संस्थागत सुधारों में विश्वास रखते थे। भारत के संविधान के मुख्य निर्माता के रूप में उन्होंने मौलिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और आरक्षण जैसे प्रावधानों को स्थापित किया ताकि राज्य सत्ता का उपयोग वंचितों की रक्षा के लिए हो।
वे किसी से दया नहीं चाहते थे, बराबरी चाहते थे। उनका जीवन दिखाता है कि कैसे कठोर प्रतिकूलताओं के बीच भी बुद्धि और संकल्प से व्यक्ति पूरे राष्ट्र की दिशा बदल सकता है।
उनकी बौद्ध धर्म में दीक्षा भी इसी बात को दर्शाती है — उन्होंने एक ऐसा धर्म चुना जो समता और करुणा पर आधारित हैं।