जौनपुर। भारत देश की मूल पत्रकारिता को विदेशी मीडिया ने लगभग तबाह कर दिया है। अखबार के पत्रकार और पत्रकारिता सोशल मीडिया के जमाने में बहुत फास्ट है। धड़ाधड़ वायरल खबरों का दौर है। खबर में नैतिकता के मायने बहुत कमजोर है। खुद को जनवाने के दौर में खोजी और क्रांतिकारी पत्रकारिता कमजोर है। आज जो भी खबरों को जनमानस के बीच परोसा जा रहा है। उसमें तत्व की कमी है। आत्मिक ज्ञान नहीं है। आत्मन मनन चिंतन का बोध नहीं है। वाह्य जगत का चित्रण है पर उसमें सत्यता का अभाव है। झूठ फरेब चापलूसी चाटुकारिता महिमा मंडन की पत्रकारिता का आज दौर है। देश की दशा और दिशा चिन्तनीय है। अखबार और पत्रकार के साथ जो पत्रकारिता की गरिमा थी वह लगभग समाप्ति की ओर है। सोशल मीडिया का दौर है। अफवाहों का कुचक्र हैं। सोशल मीडिया का लत युवाओं को बर्बाद कर रहा है। मन मस्तिष्क को एक विचित्र धारा की ओर ले जा रहा है। रुपये की बढ़ती ताकत ने इन्सान को किधर का भी नहीं छोड़ा है। रुपये के पीछे सभी भाग रहे हैं।जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। आज रुपये की देन है मनुष्य का जीवन बीमारू है। भारत एक सभ्य देश है। जो धर्म के साथ शर्म प्रधान देश भी है। धर्म की कहानी कुछ और है। शर्म बचा ही नही है। रील बनाने के चक्कर में जो फुहडपन आज समाज में परोसा जा रहा है। कहीं न कहीं से इसके पीछे रुपये का लालच है। भारत की गरिमा और स्वाभिमान को भगवान ही बचा सकते हैं। भारत देश में बैठने, उठने, बोलने की एक मर्यादा है। ऐसे ही भारत देश को महान नहीं कहां जाता। यह भूमि ईश्वरीय है। जो संस्कारो से आच्छादित है। आज भी मठ मंदिर आश्रमो की प्रकृति में ईश्वरी पूजन का विधान है। जिसमें मनुष्य को खुद में ईश्वर को बोध करने के लिए नाम दान दिया जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आपने पत्रकारों के जीवन को लेकर चिंता किया। यह बहुत ही सराहनीय है। आगे पत्रकारिता के भविष्य को संजोने के लिए आप कुछ ठोस कदम उठाइये। तब यह होगा आपने पत्रकारों के लिए कुछ किया। ब्लॉक, तहसील, जिला, प्रदेश,देश स्तर के पत्रकार हैं। जिसमें प्रिन्ट मीडिया के पत्रकारिता को आगे बढ़ाने की बेहद सख्त जरूरत है। आज भी अखबार विश्वसनीय हैं। सही मायने में देखा जाय तो प्रिन्ट मीडिया ही पत्रकारिता की जननी है। नेताओं के पास राजकीय सुविधा है। शासन प्रशासन की अपनी एक अलग पहचान और हनक है। लेकिन आज बहुत पीड़ित हारा,बेबस व्यक्ति अखबार के दफ्तर जाता है। पत्रकारिता पर उसे आज भी भरोसा है। योगी जी आप राजनीति में सुधार नहीं ला सकते, भ्रष्ट तंत्र बेकाबू है। भारत देश के राजा राम युगों, युगों से है। लेकिन रावण की भी अपनी प्रभुता है। महिमा है। हर घट में राम जिन्दा राम के रूप में उर्जावान है। राम नाम के करेन्ट से संसार गतिशील है। गतिमान है। मन में जब गंदगी है,कुसोच है,नफरत है, ईर्ष्या है। बेईमानी है। नर में नारायण की अनूभूति नहीं है। मानव सेवा माधव सेवा की बात नहीं है तो राम के वजूद को खतरा है। मन रुपी रावण हावी है। आत्मा रूपी राम रो रहा है। बिलख रहा है। क्योंकि वह सबका कल्याण चाहता है। हर जीव में शिव को देखकर प्रभु राम प्रसन्न हैं। जीव शिव और शव के खेला में राम अजेय है। इसलिए राम नाम सत्य है। यह तन राख है । योगी जी आप संन्यासी है आप से जगत का बहुत उद्धार होने वाला। पत्रकारो के लिए आप कुछ अच्छा करेंगे तो आपको बाबा गुरु गोरखनाथ की विशेष कृपा मिल सकती। दास जगदीश संपादक सतगुरु धाम बर्राह रामनगर जौनपुर उत्तर प्रदेश
भारत देश की मूल पत्रकारिता को विदेशी मीडिया ने किया तबाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी यदि आप पत्रकारों के लिए कुछ अच्छा करते हैं तो बाबा गुरु गोरखनाथ की मिल सकती है आपको विशेष कृपा,राम जाने










