सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

राजनीति में व्यापक बदलाव की संभावना, पूर्वाचल के बाहुबलीओ पर चलेगा जनता का हंटर,2027के विधान सभा चुनाव में सच्चे और अच्छे लोग चुने जायेंगे विधायक

जौनपुर। आज के सामाजिक परिवेश में बाहुबली शब्द का कुछ हद तक लोग चर्चा परिचर्चा में प्रयोग करते हैं। संभवतः अपराधी,माफिया का बदला स्वरूप आज के दौर में बाहुबली शब्द को परिभाषित कर रहा है। ऐसा जान पड़ रहा है। आज का मानव समाज आधुनिकता के चरम पर है और बेहद जागरुक हैं। तकनीकी विकास ने मनुष्य जीवन को कुछ हद तक उलझा दिया है। जिसे अब सुलझा पाना आसान नहीं। आज का बाहुबली एंड्रॉयड मोबाइल फोन है। जो सोशल मीडिया के लिए मजबूत प्लेटफार्म का काम कर रहा है। मानवीय चिन्तन और चेतना की दशा और दिशा चिन्तनीय है। नाकारात्मक पहलू में साकारात्मकता कमजोर पड़ रहा है। झूठ की अपनी दिखावा जैसी शान है।‌आज के परिवेश में बाहुबलीओ की ओर कुछ लोग आकर्षित हो सकतें हैं। लेकिन अधिकांश मानव समाज में बाहुबलीओ की रच मात्र भी कदर नहीं है। जफराबाद विधायक जगदीश नारायण राय से गत दिनों सतगुरु दर्पण के स्थानीय संपादक घनश्याम दुबे के नेवढ़िया कार्यालय में शिष्टाचार भेंट के तहत आज की राजनीति में बाहुबलीओ की प्रासंगिकता विषय पर चर्चा हुई। जिसमें उन्होंने कहां कि बाहुबलीओ की समाज में कद्र नहीं है। इन्हें लोग हिकारत भरी नजरों से देखते हैं। कहां कि आज भी शरीफों का समाज में सम्मान है। बड़प्पन का अपना एक संस्कार होता है।जो आदर्श और सभ्य समाज को बढ़ावा देता है। बाहुबली शब्द दुर्जनता का प्रतीक महसूस होता है। जिसमें अत्याचार, अनाचार, पापाचार के कर्म समाहित होने की संभावना है। उन्होंने कहां कि बल का प्रयोग मानव कल्याण, जनसेवा, परोपकार,दया, धर्म, राष्ट्र सेवा में लगे तो ऐसे महाबली बाहुबली से काफी अच्छे हैं। मानव जीवन परोपकार करने के लिए मिला है। दुःख बांटने के लिए मिला है। खुद का विकास करते हुए दूसरे का विकास करना मानव का सच्चा धर्म है। 2027 के विधान सभा चुनाव में पूर्वाचल के बाहुबलीओ को जनता पूरी तरह से नकार देगी। सज्जन और ईमानदार लोग विधायक चुने जायेंगे। राजनीति में व्यापक बदलाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जेडी सिंह