उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में आध्यात्मिकता, राजनैतिकता,सामाजिकता, नैतिकता का भरपूर समावेश है। गुरु कृपा से अनवरत ईश्वरीय बोध का जीवन यापन है। खुद को जानना और ब्रम्ह तत्व में घुल, मिल जाना और आत्मा को परमात्मा से जोड़कर एकाकार करना किसी योगी के बस की बात है। गुरु गोरक्षनाथ धाम जिसके महंत योगी आदित्यनाथ जी है। उसकी अपनी भारत देश सहित दुनिया के देशों में अध्यात्मिक विशिष्टता है। देखा जाय तो सनातन धर्म का एक मुख्य प्रमुख केन्द्र है। जहां से समय,समय पर अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद होता आ रहा है। जो कारगर होता है। मानव के लिए हितकारी होता है। कल्याणकारी होता। योगी के पास अध्यात्मिक शक्ति है। जो गुरु भक्ति से प्राप्त है। राजनैतिक विरासत गुरु का प्रसाद हैं। जिसकी अपनी अलग ख्याति है। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनना बहुत बड़ी बात नहीं। जाग मछंदर गोरख आया। यह मामूली शब्द नहीं। योगी जागृति अवस्था में है। होश भी है। जोश भी है। लाखों करोड़ों पवित्र आत्माओं का आशीर्वाद भी है। गुरुकुल पंरपरा के तहत गुरु के आशीर्वाद से राम और कृष्ण की यश और कीर्ति अमर है। भारत दर्शन में आप द्वय जन का व्यक्तित्व और कृतित्व पूज्यनीय वंदनीय दर्शनीय है। योगी आदित्यनाथ की सामाजिकता बहुत पहले से है। नर सेवा नारायण सेवा, मानव सेवा माधव सेवा यहीं तो आपके जीवन का मूल विंदु हैं। जिसके साथ रामत्व, शिवत्व और कृष्णतत्व की अपार ऊर्जा हों वह अपने आप पूर्ण रुप से योगी हो जाता है। लग रहना मन,लग रहना,हरि भजन में लग रहना। जेडी सिंह संपादक
जाग मछंदर गोरख आया, राजनैतिक विरासत गुरु प्रसाद, योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनना कोई बहुत बड़ी बात नहीं, करोड़ों पवित्र आत्माओं का आशीर्वाद है साथ, गोरखपुर का सनातन धर्म को बढ़ावा देने में हैं विशिष्ट स्थान



