जौनपुर। मुबंई के भाजपा नेता सुनील कुमार पाण्डेय भोरापुर पड़राव के आवास पर सप्त दिवसीय शतचण्डी महायज्ञ पूर्णता की ओर है। इस अवसर पर पूज्य महाराज राधेश्याम मिश्र ने कहां कि शतचण्डी यज्ञ के द्वारा प्राकृतिक शुद्धीकरण होता है। जड़ चेतन चर अचर में वेद मन्त्रो का शुद्धता के क्रम में व्यापक असर पड़ता है। कहां कि प्रलय के बाद सारी धरती जलमग्न थी। विष्णु भगवान शेष शैया पर शयन कर रहे थे। विष्णु के कर्ण मैल द्वारा दो राक्षस की उत्पत्ति हुई। मधु और कैटप, दोनों दैत्य प्रजापति व्रम्हा को मारने को तैयार हुए। ब्रम्हा ने महामाया परम शक्ति की वंदना किया। स्तुति के प्रभाव से विष्णु भगवान मोह निद्रा से जगे और उन दैत्यों से पांच हजार वर्ष तक युद्ध करके पराजित किये।वहीं महामाया महिषासुर के आतंक को समाप्त करने के लिए पुनः अवतरित हुई। देवताओं के करुण क्रन्दन को सुन करके महामाया ने महिषासुर का अन्त किया। तभी से इस यज्ञ का प्रचलन शुरु हुआ। कहां कि इस तरह नव चण्डी, शतचण्डी,सहत्र चंण्डी, लक्ष्य चंडी का आयोजन हुआ करता है। कहां कि शतचण्डी यज्ञ के प्रभाव से दैहिक दैविक भौतिक आपदाओं का नाश होता है। कहां की प्रकृति,मन ,अध्यात्मिक व अर्थ की शुद्धि होती है। इस यज्ञ के करने से प्रत्यक्ष रुप से देखा गया है कि यजमान की मनोकामना पूर्ण होती है। शतचण्डी महा यज्ञ 10 जून को शुरु हुआ है। 17 जून को पूर्णाहूति के साथ भण्डारा होगा। यज्ञ में मुख्य रुप से राजेश द्विवेदी,प्रदीप कुमार दूबे, रवीन्द्र कुमार मिश्र, परविन्द तिवारी, गिरीश दत्त मिश्र आदि विद्वत जन शतचण्डी पाठ कर रहे है। यजमान प्रदीप पाण्डेय, सुनील कुमार पाण्डेय, संजय कुमार पाण्डेय एवं सम्पूर्ण पाण्डेय परिवार नियमित पाठ को श्रवण कर पुण्य के भागी बन रहे है। शतचण्डी महायज्ञ में भाजपा नेता जफराबाद संदीप सिंह, पप्पू पाण्डेय,ने भाग लिया। दिलीप सिंह समाजसेवी की सहभागिता विशेष तौर से बनीं है। जेडी सिंह
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