वाराणसी। मनीष सिंह की बर्बरता पूर्वक की गयी हत्या ने हर किसी के दिल को झकझोर दिया है। हंसता खेलता परिवार कुछ लोगों के नाइन्साफी से उजड़ गया। रोता बिलखता परिवार का सहारा छीन गया। मासूम बच्चा जो अबोध हैं शव के पास अपने मृत पिता को अपलक निहार रहा है। पत्नी कह रहीं हैं हाथ पैर तोड़ दिये होते निर्दयता पूर्वक हत्या क्यों किये। 26 अप्रैल 2026 को फूलपुर थाना अन्तर्गत घमहापुर के पास कार अनियंत्रित होकर ग्राम निवासी बिंदु देबी पत्नी सुरेन्द्र प्रजापति को सड़क किनारे बर्तन धोते समय टक्कर मार दी। जिससे वह घायल हो गयी। मानवता का परिचय देते हुए मनीष सिंह ने जब घायल महिला के उपचार की बात कर रहे थे तो कानून को चुनौती देने वाले लोग कानून को हाथ में क्यों लिये। घायल महिला के परिजन व उसके सहयोगी दानवता का परिचय देते हुए इतने उग्र हो गये कि कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करते हुए मनीष सिंह को बेहरमी से मारें पीटें। जिससे उनकी मौत हो गयी। घटना के पीछे कहीं न कहीं से कुछ सोचीं समझी साजिश लग रहीं हैं। सड़क के किनारे बर्तन मांजना उचित हैं या अनुचित है। घटना को लेकर पूर्वाचल के जिलों के जनता में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर श्री सिंह के लिए शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तादात हैं। साथ ही परिजनों के प्रति सहानुभूति है। परिवारी जनों की मांग है मृतक परिजन के आश्रित को दो करोड़ रुपया दिया जाय और सरकारी नौकरी दिया जाय। जिससे अनाथ परिवार का सुगमता से गुजर बशर हो सकें। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना पड़ेगा। गलत को गलत और सही को सही कहना होगा। मनीष सिंह के साथ नाइंसाफी हुई। राजनैतिक दलों व उसके कुछ नेता वोट की घटिया राजनीति करते हैं। उनसे वोट से मतलब है। इस हृदय विदारक घटना से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का दिल नहीं पसीजा। कम से कम दुःख की घड़ी में परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करते और परिवार को ढांढस बंधाते तो कुछ तो दुःख से परिवार उबरता। पिण्डरा विधान सभा के भाजपा विधायक अवधेश सिंह घटना को लेकर मर्माहत है। दुःख के घड़ी में परिजनों के साथ है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजय राय ने भी घटना पर दुःख जताया है और परिजनों को ढांढस बंधाते साथ रहने की बात कहीं हैं। नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद हैं और भारत देश के प्रधानमंत्री हैं। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। अगर इनके अंदर रच मात्र भी मानवता होगी तो दुःख की घड़ी में परिजनों को ढांढस बंधाने उनके घर जरुर जायेंगे और दो करोड़ के मांग को पूरा करेंगे। घटना को लेकर फूलपुर वाराणसी पुलिस सजग है। अभियोग पंजीकृत हैं। गिरफ्तारीओ का दौर जारी है। सोशल मीडिया,टीवी चैनल, प्रिन्ट मीडिया में घटना को लेकर परिजनों की बात,धरना प्रदर्शन, घटना के विवरण के साथ पुलिस की सजगता का समाचार है। वाराणसी, जौनपुर में घटना को लेकर लोगों में नाराजगी हैं। लोगों का कहना है कि कार अनियंत्रित हुई, महिला घायल हुई। जब मनीष महिला के उपचार की बात कर रहे थे तो इतनी निर्दयता से मौके पर उपस्थित कुछ लोगों द्वारा मनीष सिंह को इतना मारा पीटा गया कि उनके प्राण पखेरू उड़ गये। कानून को हाथ में लेने वालों का हश्र तो बुरा तो होगा। कानून इंतकाम तक पहुंचायेगी। लेकिन असहाय अनाथ मनीष सिंह के परिजन का तो सब कुछ उजड़ गया। जेडी सिंह संपादक
मनीष के मौत को लेकर पूर्वाचल के लोगों में नाराजगी,वाराणसी पुलिस सजग,प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री में रच मात्र भी मानवता होगी तो अबोध बालक के वास्ते परिजनों को ढांढस बंधाने उनके घर जरुर आयेंगे और दो करोड़ की राशि देने की घोषणा करेंगे









