BREAKING NEWS
Home / खबर विशेष / नफरत के दौर में प्यार बांटता हूँ, पतझड़ के रास्ते पर बहार बांटता हूँ,कवि सम्मेलन की रसधार

नफरत के दौर में प्यार बांटता हूँ, पतझड़ के रास्ते पर बहार बांटता हूँ,कवि सम्मेलन की रसधार

तपती हुई ज़मीन है जलधार बांटता हूं, पतझड़ के रास्ते पर मैं बहार बांटता हूं

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत 3 अक्टूबर की शाम महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विराट कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया । कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवियों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह आयोजन विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा, संस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जनसंचार विभाग एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के तत्वावधान में किया गया । कवि सम्मेलन का प्रायोजक पंजाब नेशनल बैंक रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आवास एवं शहरी नियोजन राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव स्थापना दिवस पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद पूर्वांचल विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। यहाँ से निकले लोग पूरे देश में जिले का मान बढ़ा रहे है। विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। उन्होंने देवी गीत प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। मीरा की पीड़ा मीरा‌ ने ही जानी। जली थी सतत वह… काव्य रचना सुनाई।
कवि सम्मेलन में अलीगढ़ से आये प्रख्यात कवि डॉ विष्णु सक्सेना ने तपती हुई ज़मीन है जलधार बांटता हूं, पतझड़ के रास्ते पर मैं बहार बांटता हूं, ये आग का है दरिया जीना है बहुत मुश्किल, नफरत के दौर में भी मैं प्यार बांटता हूं.. समेत तमाम रचनाएं प्रस्तुत की।
इंदौर से आई डॉ भुवन मोहिनी ने जय हो शक्ति भगवती अग्निवती मधुमति..सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। नैनो ने नैनों में मदिरा घोली रात भर सुनाकर खूब तालियां बटोरी।
प्रयागराज के अखिलेश द्विवेदी ने अपनी हास्य कविताओं से लोगों को खूब ठहाके लगवाएं।
वाराणसी के वरिष्ठ कवि हरिराम द्विवेदी ने गीता, रामायण , कुरान और बाइबिल है गंगा। इसके साथ गीत, छंद और मुक्तक की अद्वितीय प्रस्तुति की। भरतपुर से भगवानदास मकरंद ने ठोको ताली, वाह-वाह करते करते एक दिन क्या पता था ऐसी उठापटक मचाएंगे के साथ आयो जुट जाएं राम कहानी दुहराने में समेट कई रचनाएं प्रस्तुत की। वाराणसी के अभिनव अरुण हिंदी और उर्दू से मोहब्बत जुबां हिंदुस्तानी बोलता हूँ से जोश भर दिया।
अयोध्या के डॉ श्रवण कुमार ने सुनाया कि कुछ बातें जो बिना कहे ही महसूस की जाती है । कुछ यादें जो सीधे लोगों के दिल में उतर जाती हैं । कुछ रिश्ते जो भीनी खुशबू के झोंकों से होते हैं जिन्हें जिंदगी नाम कोई दे नहीं पाती।
जौनपुर के सभाजीत द्विवेदी ने जब भी हम‌ करे‌ एकता की बात करें। साम्प्रदायिक सौहार्द काव्यपाठ किया। जयपुर के अशोक चारण ने कवि सम्मेलन का संचालन किया। इसके साथ ही वीर रस की रचनाओं से युवाओं में जोश भर दिया।
प्रखर श्रोताओं के समक्ष अपनी उत्कृष्ट रचनाओं की प्रस्तुति दिया. कार्यक्रम के संयोजक डॉ मनोज मिश्र ने संचालन किया।

About jaizindaram

Crazy Time spielenCrazy Time onlinegioca a Crazy Timejugar Crazy Timespela Crazy Timeplay Crazy TimeRoyal Reels pokies onlineWingaga casino