जौनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की सरगर्मी तेज है। लड़ने और लड़ाने वाले सक्रिय हैं। प्रधान,क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य,प्रमुख आदि पदों के भावी प्रत्याशी अभी से चुनावी समीकरण साधने में जुट गये है। वर्तमान प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, प्रमुख, सीट के अनुसार स्वयं और अपने चहेतों को मैदान में उतारकर खुद की बादशाहियत कायम करने का मंसूबा पाले चुनावी फितरती बिसात बिछाने में जुट गये है। भावी प्रधान पद के कुछ प्रत्याशी धनबल की ताकत से चुनाव जीतने के लिए वोटरों को रिझाना शुरू कर दिये है। पीने खाने वालों की खातिरदारी बढ़ी है। शराबीयो से शाम से कुछ रात तक गांवों के चौराहे, तिराहे गुलजार होने लगें है। भावी प्रधान पद के कुछ प्रत्याशीओ को राजनैतिक अनुभव की कमी की वजह से चुनाव जीतने में कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। प्रमुख पद जिसके पास है वह स्वयं सत्ता से वंचित न हो इसके लिए वह हर हथकंडा अपना सकता है। सत्ता के खेल में धनबल, बाहुबल, सरकार बल, माफिया बल जिसके पास होगा। वह आसानी से प्रमुखी का चुनाव जीतकर प्रमुख बन सकता है। जौनपुर के जितने भी माफिया है अपने तरीके से चुनावी बिसात बिछा रहे है। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिलापंचायत सदस्य,प्रमुख अधिकांश उनके हो चाहे कीमत जो देना हो। इतिहास को देखेंगे, समझेंगे,जानेंगे, सुनेंगे तो ज्ञात होगा कुछ वोटरों, कुछ जनप्रतिनिधियों को छोड़ दिया जाय तो अधिकांश लोग अपने वोट को बेचकर लोकतंत्र का गला घोंट रहें हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में माफियाओं की सियासत हाबी रहेंगी। उनको डिगा पाना आसान नहीं होगा। आज का जमाना माफियाओं का है, सत्ता में पहुंचाने की चाभी उनके पास है। मानव समाज में उनका मान,सम्मान है। मत का दान महादान है। अच्छे प्रत्याशी को जीताईये, बगैर लालच के निःस्वार्थ मतदान करिये। जेडी सिंह संपादक
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