जेडी सिंह संपादक
जौनपुर। आत्मा का परमात्मा से जुड़ाव ही मोक्ष है।मन भटकाव की ओर हैं। आसक्ति में लीन हैं। विरक्ति चाहता है। संन्यासी बनना आसान काम नहीं। प्रभु से लगन लगाना जटिल कार्य है। जिले का एक व्यक्ति ज्ञान के चरमोत्कर्ष पर पहुंचकर आध्यात्मिक प्रकाश को फैला रहा है। प्रकाश की अनूभूति में जौनपुर शहर के लोग राम नाम का अनुभव कर रहे है। सनातन के तत्व सिद्धान्त, दर्शन से रुबरु हो रहे हैं। समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह भाजपा के दिग्गज नेता हैं। राम के भक्त हैं। कैलाश पति में निवास करते हैं। भक्ति रस से सराबोर है। राम के लिए समर्पित है। कर्म की महानता है। धर्म की प्रधानता है। जूनून जरा हटके है। जिसमें आत्मा का कल्याण हैं। परमात्मा से मेल है। ज्ञान के प्रकाश में नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित हनुमान अंश फिल्म देखने का अवसर मिला। फिल्म मोक्षदायिनी है। संत का अध्यात्मिक चमत्कार हैं। गृहस्थ जीवन की मर्यादा है। कुल मिलाकर फिल्म दर्शनीय है। भक्ति को जगाने वाला है। संतों पर टिप्पणी करने वालों पर तमाचा है। राम से प्रेरित होकर ज्ञान प्रकाश सिंह ने शहर के एक सिनेमा घर में पत्रकारों को फिल्म दिखाई। पहले नीम करौली बाबा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजा किया गया। तदोपरांत सामूहिक रुप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। थियेटर पूजा घर बन गया था। ज्ञान की मंशा है फिल्म जनपद के हर लोग देखें।उनकी ऐसी व्यवस्था है। क्षमता है। श्रद्धा है। फिल्म जौनपुर में फ्री है। थियेटर में जाइये श्रीराम का नारा लगाइये। हनुमान चालीसा का पाठ करिये। आंनद मय भाव में फिल्म का लुत्फ लीजिए। अंदर वाले जिन्दा राम को जानिये और भक्ति में डूबे जाइये।










