सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

गरीबी,अमीरी और अराजकता के हैं अपने,अपने मायने, अपराधियों का बढ़ता मनोबल चिन्तनीय,दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया

जेडी सिंह संपादक

जौनपुर। अमीरी,गरीबी और अराजकता के अपने,अपने मायने हैं। कभी कोई गरीब होता हैं। मेहनत करता है,अच्छे से जीवन का गुजर बशर करता है। सुकुन शांति से जीवन-यापन करता है। कुछ गरीब ऐसे भी होते हैं अनैतिकता से धन कमा करके अमीर हो जातें हैं। धनबल के ताकत पर जनप्रतिनिधि भी बन जाते हैं। फिर उनका क्या पूछ्ना है। महंगा शौक, मंहगी गाड़ी, राजशाही जीवन जीने लगते हैं। समाज में रुतबा भी रहता है। ऐसे लोग अराजक भी होते‌ हैं और
अराजकता भी फैलाते हैं। धनबल की ताकत से शासन, सत्ता में भी पकड़ रखते हैं। जो रईस अमीर होते हैं गरीबों की मदद करते,दान धर्म करतें हैं। कोई जानता तक नहीं है। कुछ अमीर ऐसे होते हैं जो किसी का सहयोग करते हैं,दान धर्म करतें हैं तो ढिंढोरा पीटते हैं। सबकों जनवाते है, हमने उनको यह किया। यह उनकी सबसे बड़ी भूल है। दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया,कोई किसी के लिए कुछ करता नहीं। समय पर अपने आप ईश्वर प्रेरित करता है और मनुष्य का मनुष्य से कल्याण करवाता है। कर्ता ईश्वर है। लेकिन कुछ ऐसे व्यक्ति हैं जो अहंकार में इतने चूर है कि धन के जोर पर अपने को सर्वोपरि मान रहे हैं। उनके अंदर न कोई संस्कार है। न नैतिकता हैं,न मानवता है। प्रदूषित संस्कार है,सब जान रहे हैं, इसके बावजूद जय करने वाले लोग हैं। आज की राजनीति में अपराधी कुछ ज्यादे जनप्रतिनिधि हो गये है। जो अराजक भी है। अराजकता फैलाते भी है। इनके साथ इनके वेरायटी के लोग भी एकजुट है। जो इनका साथ देते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध पर तो काबू पाया है। लेकिन आज भी अराजकता बरकरार है। वर्तमान समय में किसी को भी अपराधी प्रवृत्ति के लोग कुछ भी कह सकते हैं। खैर सबका अपना,अपना संस्कार होता है। जिसके अन्दर गंदगी भरी है। वह किसी को भी गाली दे सकता है। बत्तमीजी कर सकता है। सब संस्कार पर आधारित है। वैसे हर मनुष्य को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। खुद को बड़ा साबित करने के लिए स्तर नहीं गिराना चाहिए। गरीबी और अमीर संसारी गति है। सबका अपना, अपना कर्म है। आज कोई राजा है तो कल फकीर हो सकता है। अनैतिकता से धन कमाकर अमीर बनने से अच्छा गरीबी है।