सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

चुनावी बतंगड़ : जौनपुर भाजपा की राजनीति में धनबल,बाहुबल धाराशाही,गिरीश यादव,हरेंद्र सिंह को मात देकर कृपा और ज्ञान प्रकाश बनना चाह रहे विधायक

जौनपुर। जिले के भाजपा की राजनीति में दो प्रभावशाली नेताओं की धमक हैं। जिनके पास धनबल की ताकत है। जिसकी वजह से इनके इर्द-गिर्द भी शहर के विभिन्न विधाओं के कुछ नामचीन लोग इनके सिपह सलाहकार हैं। सबका अपना, अपना मंतव्य हैं। सुर नर मुनि सबकी यह रीति स्वारथ लाई करहिं सब प्रीति। निस्वार्थ, निष्काम भक्ति का अभाव है। कृपा शंकर सिंह जिले के निवासी हैं। व्यक्तित्व की महानता हैं। मुंबई की राजनीति का सफल चेहरा है। लेकिन जौनपुर की राजनीति में अभी तक असफल है। सफलता का मंजिल बना रहे हैं। कहीं 2027 का विधान सभा चुनाव जौनपुर सदर से लड़ने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं। कुछ जनता के बीच सुगबुगाहट है। केन्द्रीय नेतृत्व में मजबूत पकड़ है। कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। इधर ज्ञान प्रकाश सिंह का अपना जलवा ही अलग है। राम की भक्ति है। लक्ष्मी की शक्ति है। दुनिया जहान में एक अलग छाप हैं। राजनीति में मजबूत होने की हर कवायद कर रहे हैं। 2027 के विधान सभा चुनाव में विधायक बनने की प्रबल इच्छा है। ऐसा जान पड़ रहा है। शहर और जफराबाद से चुनाव लड़ने का फेरवट बना रहे हैं। जैसी मुंह, मुंह चर्चा है। सोशल मीडिया में इन दिनों छाये हैं। चर्चा जफराबाद में कुछ ज्यादा है। राजनैतिक चश्मे से देखा जाय तो कृपा शंकर सिंह और ज्ञान प्रकाश सिंह जौनपुर की भाजपा की राजनीति कुछ सालों से कर‌ रहे हैं। ऐसा भी देखा गया है मुंबई से बहुत बड़े बड़े दिग्गज नेता जौनपुर की भाजपा की राजनीति किये। चुनाव लड़ने का मंशा भी रहा। बड़े, बड़े होर्डिंग भी लगें। ऐन वक्त पर पार्टी ने ठेंगा दिखा दिया। कृपा शंकर सिंह और ज्ञान प्रकाश सिंह धनबल की राजनीति से टिके हैं। जमें हैं। विधायक भी हो सकतें हैं। आप द्वय नेता आसमानी हैं। जमीनी धरातल कमजोर है। जिले में भाजपा के अच्छे लीडर हैं। जो पार्टी के लिए जीवन बिता दिये। गिरीश चन्द्र यादव भाजपा के बहुत पुराने नेता हैं। दो बार चुनाव जीते विधायक बने। मंत्री हैं। आगे भी भाजपा इन पर दांव लगा सकतीं हैं। रहीं बात जफराबाद की तो भाजपा में अभी हरेंद्र प्रसाद सिंह से कोई मजबूत नेता नहीं है। विधायक रहे। इस बार बहुत कम वोट से चुनाव हारे। जफराबाद में सदैव सक्रिय रहते हैं। कार्यकर्ता की पीड़ा को समझते है। भाजपा की उम्मीदवारी रहीं तो मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर जफराबाद सीट की मुखालफत कर रहे हैं। यदि जफराबाद सीट गठबंधन में गया तो सुभासपा से अरविंद सिंह मखडू पूर्व प्रमुख रामनगर उम्मीदवार हो सकते हैं। ऐसी चर्चा है। हालांकि ज्ञान प्रकाश सिंह ओमप्रकाश सिंह को भी साधनें का प्रयास कर रहे हैं।साथ ही पप्पू माली से भी तालमेल बना के चल रहें हैं। जौनपुर से बाहुबल की राजनीति कमजोर साबित हो रही है। धनबल की राजनीति का प्रभाव बढ़ रहा है।