सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

ईश्वर की शक्ति से संचालित हो रहा सबका जीवन, अहंकार से बेडा गर्त की ओर

  • जौनपुर। भगवान की महिमा अपरम्पार है। जिसनें उसे सच्चे दिल से याद किया।उसकी हर मनोकामना पूरी  होती हैं।जिसकी जैसी आस्था होती है उसको वैसा फल मिलता है।विश्व का हर प्राणी उसी का स्वरूप है। जीव आत्माओं से प्रेम करने पर आनंद की दिव्य अनूभूति होती है। भाव के भूखे होते है भगवान। समर्पित भावना लीलाधर से करीबी बढ़ाता है। अहंकार मे इंसान इस कदर मशगूल है कि उसको अपना निज घर जहां से वह आया है उसे भूलता जा रहा है।हर जीव का असली घर परमात्मा का घर है। सारे जीव अपने स्वामी के पास जाना चाहते हैं।लेकिन बंधन मे जकडे होने की वजह से मालिक से दूर है और दुखी है। जगदीश सिंह