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मछलीशहर नाला प्रकरण: कथन के दो मायने,पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह प्राची,शिवा,समीर के मौत के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार मान रहे है,सरकार मे मंत्री परिषद के जिम्मेदारी का सिद्धांत लागू है, लेकिन स्थानीय विधायक,मंत्री को जिम्मेदार ठहराना दोषियों को बचाने जैसा है

जौनपुर। पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह का फेसबुक पर एक लिखा पोस्ट दिखा,जिसमें उन्होंने कहा कि जौनपुर में पिछले दिनों मछली शहर पड़ाव पर शिवा, समीर, प्राची की दुर्घटना में मृत्यु अत्यंत दुखद,भयावह और अत्यधिक पीड़ा दायक है। इसके लिए सीधे-सीधे केवल और केवल बिजली विभाग जिम्मेदार है। उस खंभे में बिजली के करंट आने से इसके पूर्व कई दुर्घटनाएं हो चुकी थी और इसकी विधिवत सूचना बिजली विभाग के पास थी। फिर भी बिजली विभाग के कर्मचारियों ने इसको ठीक नहीं किया।मृतकों के परिजनों को केवल 7:30, 7:30 लाख रुपया दिलाने से न्याय नहीं होगा।बल्कि इस विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए. बिजली विभाग का पैसा जनता का पैसा है, उन अपराधी कर्मचारियों का नहीं जो दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हैं. इसलिए पैसा विभाग से नहीं अपराधियों की संपत्ति से जब्त कर मृतक परिजनों को दिया जाना चाहिए.यद्यपि सरकार में मंत्री परिषद की सामूहिक जिम्मेदारी का सिद्धांत लागू होता है।लेकिन इस दुर्घटना के लिए स्थानीय विधायक,मंत्री को जिम्मेदार ठहराना वास्तविक दोषियों को बचाने जैसा है। दुख की इस बेला में कुछ तथाकथित पत्रकार, मां गोमती के उद्धार का गुमान पालने वाले समाजसेवी, बुद्धि के अजीर्ण वाले बुद्धिजीवी अनर्गल प्रलाप वाली निंदनीय राजनीति कर रहे है। हमें विश्वास है सरकार के मंत्री श्री गिरीश यादव योगी सरकार की उदारता तालाब उठाते हुए मृतकों के परिजनों को बड़ी और पर्याप्त सहायता राशि दिलाएंगे। सरकारी सेवा में भी परिजनों को भर्ती करने की व्यवस्था करनी चाहिए। पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह

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