सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

राम भक्त हनुमान अयोध्या में करेंगे बहुत बड़ा खुलासा,दंग रह जायेंगे देश के लोग,राम मंदिर पर है किसका आधिपत्य,भगवान की नगरी में किसकी चल रहीं हुकूमत

जौनपुर। दुनिया में सर्वत्र राम व्याप्त है। व्यापक है। राम उर्जा हैं। प्राण वायु हैं।‌ राम नाम का व्यापार देश दुनिया में खूब फल फूल रहा है।‌ कोई राम को जप रहा है। कोई भज रहा है।‌ कोई दर्शन पूजन करके अभिभूत हो रहा है।‌ आस्था राम से है। विश्वास राम में है।‌ भाजपा का मूल नारा जय श्रीराम हैं।‌ राम के कृपा से भाजपा की अहमियत देश दुनिया में बढ़ी है। सनातन धर्म और हिन्दूतत्व को भाजपा ने बेहद मजबूत बनाया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना। देश विदेश से करोड़ों भक्तों ने बेशुमार धन दौलत हीरा जवाराहात सोना चांदी दान करके भगवान राम की झोली भर दी। झोली भरने वाले सबके दाता राम है।‌ जब राम ने दिया है तो लोग राम मंदिर के नाम पर दान कर रहे हैं। अयोध्या भगवान राम की जन्म भूमि है।‌ पावन स्थल है। राम भक्त हनुमान जी सदैव राम, राम का अनवरत जीवंत अवस्था में जाप कर‌ रहें हैं। राम आदि से है। अनंत तक उनकी गौरव गाथा की चर्चा परिचर्चा होती रहेगी। भगवान राम जो चाहते हैं वहीं होता है।‌ कोई पीएम बनकर जनता के लिए काम कर रहा है तो कोई सीएम बनकर काम कर रहा है। राम नाम की लूट है लूट सको तो लूट। कोई शरीफ बनकर राम को लूट रहा है कोई चोर उचक्का बनकर राम को लूट रहा है। राम अनूभूति है। अनुभव है। अभी जो अनुभव में आ रहा है। राम सबके है और सबमें हैं। जो व्यक्ति मन रुपी राक्षस को मारें वह राम है। आज सवाल यह उठता है अयोध्या राम मंदिर केंद्र सरकार के पाले में है या राज्य सरकार के पाले में। राम के खजाने की देखभाल करने वाले किसके लोग हैं। जिन,जिन पर दान चोरी का आरोप लग रहा है,किस लाबी से बिलांग करते हैं।‌ अयोध्या में आधिपत्य किसका है। भाजपा के अन्दर खाने अधिकांश लोग जानते होंगे। लेकिन बोलें कौन, कुछ भाजपा से जुड़े लोग बोलना चाहे, इशारा किसी बड़ी शक्ति की ओर था। लेकिन चुप बैठे। वैसे राम भक्ति निष्काम भक्ति है। लेकिन व्यापारी के लिए न राम मायने रखतें हैं न ही उनका आस्था से कुछ लेना-देना है। उन्हें तो सिर्फ अपना आर्थिक साम्राज्य स्थापित करना है और अपनी हुकूमत चलानी है। राम भक्त हनुमान अयोध्या में करेंगे बहुत बड़ा खुलासा।‌ दंग रह जायेंगे देश के लोग। ऐसी संभावना है। दास जगदीश संपादक सतगुरु धाम बर्राह जौनपुर उत्तर प्रदेश