प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल अपने मन की बात कार्यक्रम में परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम का इस्तेमाल केवल ढोंग व नाटकबाजी। इनके पिछले लगभग साढ़े चार वर्षों के शासनकाल में खासकर दलितों व पिछड़ों के मामले में इनकी पार्टी व इनकी सरकार का बहुत नाटक व ढोंग हो चुका है तथा इन्हें व अब इनकी पार्टी को और ज्यादा ढोंग व नाटक करने से इनको कोई भी खास राजनैतिक लाभ मिलने वाला नही है।
इसके साथ ही बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर का समतामूलक व मानवतावादी सोच का भारत बीजेपी व आर.एस.एस. एंड कम्पनी के राज में तो कभी भी नही बन सकता है, क्योंकि इनकी सोच संविधान की मंशा के विरुद्ध अत्यंत ही संकीर्ण, जातिवादी व घोर सामुदायिक है।
इसलिये देश की जनता ने इन्हें काफी लम्बे समय से सत्ता से दूर रखा और इसी कारण बीजेपी के शासनकाल में अब खासकर दलित व पिछड़े वर्ग के लोग जीवन के हर क्षेत्र में और भी ज्यादा पिछड़ते चले जा रहे हैं।
इसके अलावा, बीजेपी के लोग उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. व सपा की नजदीकी से काफी ज्यादा बौखलायें व परेशान घूम रहे हैं तथा काफी अनर्गल बयानबाजी भी कर रहे हैं, जबकि बसपा-सपा की नजदीकी स्वार्थ के लिये नही बल्कि केंद्र व बीजेपी शासित राज्यों में इनकी गलत व गरीब-विरोधी नीतियों व कार्यकलापों तथा इनके द्वारा पूरी तैयारी के ही लिये नये नोटबन्दी व जी.एस.टी. के करने के फलस्वरूप खासकर सर्वसमाज के गरीबों व नौजवानों को काफी ज्यादा बेरोजगारी आदि के खिलाफ व्यापक जनहित व देशहित के मद्देनजर लॉय गया है, जिसका देशभर में दिल से स्वागत किया जा रहा है।
साथ ही बी.एस.पी. सपा व अन्य और सभी विपक्षी पार्टियों को मिलाकर देश व आमजनहित में बीजेपी को इस बार केंद्र की सत्ता में आने से जरूर रोकना होगा : बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी की प्रेसवार्ता।
लखनऊ, 26 मार्च, 2018 :
बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी कुछ अतिआवश्यक राजनीतिक महत्व के मुद्दों पर आज अपने निवास 13 माल एवेन्यू में मीडिया को सम्बोधित किया जिसका मुख्य अंश इस प्रकार है-
मीडिया बन्धुओं, वैसे आप लोगों को यह विदित है कि कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में जिस प्रकार से अपने बेटों के स्वार्थ की राजनीति के लिये परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम इस्तेमाल किया है तो उस पर प्रतिक्रिया के रूप में इनको मेरा यह कहना है कि इनके पिछले लगभग साढ़े चार वर्षों के शासनकाल में खासकर दलितों व पिछड़ों के मामलों में इनकी पार्टी व इनकी सरकार का बहुत नाटक व ढोंग आदि हो चुका है तथा अब उन्हें व उनकी पार्टी को और ज्यादा ढोंग व नाटक आदि करने से इन्हें कोई भी राजनीतिक लाभ मिलने वाला नही है।
इसके साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का समतामूलक समाज-व्यवस्था के निर्माण व मानवतावादी सोच का भारत बीजेपी व आर.एस.एस एंड कम्पनी के राज में तो कभी नही बन सकता है, जैसाकि कल इन्होंने अपनी मन की बात में यह कहा कि क्योंकि इनकी सोच बाबा साहेब की सोच से बिलकुल ही अलग व संविधान की मंशा के बिलकुल ही विरुद्ध अत्यंत ही संकीर्ण, जातिवादी व घोर साम्प्रदायिक भी है और इसी कारण ही अपने देश की जनता ने इनको लगभग 65-70 वर्षों तक यहाँ की सत्ता से दूर रखा था। और अब पिछले लोकसभा आमचुनाव में केवल लगभग 31 प्रतिशत वोटों के बल पर बहुमत से सत्ता प्राप्त कर लेने पर पूरे देश की जनता ने इनका अत्यंत ही निरंकुश व भयावह गरीब, मजदूर एवं किसान-विरोधी रूप देख लिया है। और खासकर देश के करोड़ों दलितों व पिछड़ों के हित व कल्याण के मामलें तो इनकी सरकार का रवैया अभी तक भी बहुत ही ज्यादा हीन व जातिवादी मानसिकता वाला रहा है, जिस कारण ये बहुसंख्यक वर्ग के लोग आज भी जीवन के हर क्षेत्र में और भी ज्यादा पिछड़े चले जा रहे हैं।
इसके साथ ही काफी लम्बे समय तक अत्यंत ही कड़े संघर्ष व जद्दोजहद के बाद हासिल किये गये मण्डल आयोग को भी इस सरकार ने काफी हद तक दलितों के आरक्षण की तरह ही निष्क्रिय व निष्प्रभावी बना दिया है और जो इन सभी उपेक्षित समाज के लोगों को फिर से अंधकार में ले जाने का इनका यह जातिवादी प्रयास अभी भी लगातार जारी है, जो यह किसी से अभी तक छिपा नही है। और जिसकी पुष्टि इसके राज में हुये खासकर हैदराबाद के दलित छात्र रोहित वेमुला काण्ड, गुजरात के ऊना का दलित उत्पीड़न कांड व सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गाँव में हुये दलित उत्पीड़न काण्ड से यह स्पष्ट तौर से हो जाती है।
इस प्रकार बीजेपी व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार का यह सब नाटक व ढोंग आदि नहीं तो और क्या है? कि इनके द्वारा मुँह में राम व बगल में छुरी की तरह बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का नाम तो लिया जाता है, परन्तु इनके समाज को हर स्तर पर पीछे धकेलने व इनका उत्पीड़न आदि करने तथा इनकी मानवतावादी सोच को हर प्रकार से कुचलने का हर सम्भव पूरा-पूरा प्रयास भी किया जाता है। और इसका ताजा-ताजा उदाहरण यह है कि यहाँ उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही में हुये राज्यसभा के चुनाव में बीजेपी को एक धन्नासेठ को पूरे धनबल व सरकारी भय व सरकारी आतंक का इस्तेमाल करके बाबा साहेब के हमनाम श्री भीमराव अम्बेडकर को एक अतिरिक्त सीट पर षड्यंत्र करके उसे जबरन हटा दिया गया है।
संक्षेप में कुल मिलाकर बी.एस.पी. का यह कहना है कि खासकर यहाँ के करोड़ों, दलितों, पिछड़ों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों तथा अपरकास्ट के गरीबों के मामले में बीजेपी व प्रधानमंत्री की सरकार ना केवल खराब व बदत्तर है बल्कि बदनाम भी है। ऐसी स्थिति में इनके शासनकाल में अपना देश अभी भी यहाँ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सपनों का मानवतावादी व आदर्श लोक कल्याणकारी देश नहीं बन सकता है और इनके वर्तमान शासन में तो लोगों की यह धारणा और भी ज्यादा पक्की होकर उभरी है।
इसके अलावा आप लोगों को यह भी मालूम है कि यहाँ उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही में राज्यसभा चुनाव के आये नतीजों को लेकर 24 मार्च को मेरी हुई प्रेसवार्ता के बाद से तो अब बीजेपी के लोग बहुत बुरी तरह से बौखलाये व परेशान होकर घूम रहे हैं। और ये लोग सपा व बसपा की आई नजदीकी को लेकर जो किस्म-किस्म की बयानबाजी कर रहे हैं तो उन्हें मैं यह बताना चाहती हूँ कि हमारी यह नजदीकी, अपने स्वार्थ के लिये नही बन रही बल्कि केंद्र व खासकर बीजेपी शासित राज्यों में इनकी गलत-नीतियों व गलत-कार्यशैली की वजह से जो अब देश की आमजनता जबर्दस्त परेशानी में हैं और इनकी बिना पूरी तैयारी के लिये गये खासकर नोटबन्दी व जी.एस.टी. के लागू किये जाने से तो अब यहाँ देश में खासकर गरीब व नौजवान लोग काफी ज्यादा बेरोजगार होकर घूम रहे हैं। जिसे गंभीरता से लेते हुये ही हमने देश व जनहित में यह नजदीकियाँ बनाने का फैसला लिया है। जिसका पूरे देश में दिल से स्वागत किया जा रहा है।
इतना ही नहीं बल्कि बीजेपी के लोग सपा व बसपा के लोगों को कितना भी भड़काने की नहीं है क्योंकि हमें व अन्य और सभी विपक्षी पार्टियों को मिलकर, देश व आम-जनहित में इनको इस बार केंद्र की सत्ता में आने से जरूर रोकना होगा। और यह सब इनको अब होता हुआ नजर आ रहा है। इसलिये अब ये लोग सपा व बसपा की बन रही नजदीकी को लेकर आयेदिन किस्म-किस्म की अंतर्गत बयानबाजी करते रहते हैं। जिससे हमारे ऊपर तिलभर भी प्रभाव/असर पड़ने वाला नही हैं।