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अटल जी की सोच से कोसों दूर भाजपा, आयातित लोगों की भरमार, जौनपुर, मछलीशहर लोकसभा सीट साफ,नीति और नीयत में सुधार नहीं तो‌ गर्त में जाने का द्वार खुल सकता है, वोटर व सपोर्टर विकल्प ढूंढ‌ रहे,राम जाने

जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। जिसके मूल कार्यकर्ता अनुशासित मर्यादित है।जो पार्टी के संगठन को दिन रात एक करने में जुटे हैं। भाजपा ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया। किसी भी देश की संस्कृति यदि सुरक्षित है तो उसका भविष्य उज्जवल बना रहेगा। भाजपा शासनकाल में देश बेहद मजबूत हुआ है। योगी राज में प्रदेश का कायाकल्प हो रहा है। भाजपा की नीति और नियत राष्ट्रवादी,मानवतावादी है। भाजपा की राजनीति शिखर पर है। बहुत ही दुःखद पहलू है कि जिसके त्याग, तपस्या, बलिदान से पार्टी मजबूत हुई है।उसे दरकिनार करने के पीछे राष्ट्रीय नेतृत्व का आखिर मंशा क्या है। जौनपुर जिले के सदर और मछलीशहर लोकसभा सीट भाजपा हार गयी। जिसका मूल कारण है कृपा शंकर सिंह का खाटी भाजपाई न होना। जौनपुर में बहुत से पुराने कार्यकर्ता है जो गुजरे जमाने से पार्टी के लिए मर मिट रहे है। भाजपा को उनकी सुधि नहीं है। लोकसभा चुनाव मे भाजपा कार्यकर्ता को टिकट मिला होता तो परिणाम कुछ और होता है। कृपाशंकर सिंह कांग्रेसी नेता रहे, भ्रष्टाचार का तोहमक लगा है। इसके बावजूद उन्हें टिकट दिया गया। नतीजा सबके सामने है। मछलीशहर लोकसभा सीट से बीपी सरोज को चुनाव लड़ाया गया भाजपा हार गयी है। भोला नाथ जी का भी भाजपा से दूर,दूर तक लगाव नहीं रहा। एकाएक पार्टी में आना टिकट मिलना। भाजपा का प्रकृति पहले कुछ और था। कार्यकर्ता का सम्मान था। उनके अनुसार टिकट मिलता था। अब तो जनभावनाओं का अनादर करके टिकट दिया जा रहा है। भाजपा का बेस वोटर आयातित उम्मीदवार के चुनाव लड़ने से अपने को ठगा महसूस कर‌ रहा है।‌भाजपा कार्यकर्ता को पार्टी की नीति और रीति कुछ कम जच रहा है। बाबजूद साथ मजबूती से निभा रहा है।‌ अटल‌ जी की सोच रही पुराना कार्यकर्ता नाराज न हो, उसे संजो के रखना। आज पुराने नेता कार्यकर्ता को दरकिनार करके आयातित लोगों को तरजीह दिया जा रहा है। परिणाम में जीत की जगह हार‌ मिल रहा है। विडंबना है कि भाजपा के पुराने वोटर और सपोर्टर भाजपा का विकल्प ढूंढ रहे है। भाजपा अपनी नीति और नीयत में सुधार नहीं किया तो गर्त में जाने से कोई रोक नहीं सकता। जेडी सिंह संपादक

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