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स्व.मुन्ना बजरंगी की धरती रामपुर जौनपुर में पूर्वाचल के दो बाहुबली नेताओं के टकराने के आसार,अमित सिंह टाटा रामपुर से प्रमुख पद के दावेदार,राहुल सिंह का राजनैतिक कद बढ़ा

जौनपुर। स्व.मुन्ना बजरंगी की धरती रामपुर में पूर्वाचल के दो बाहुबली नेताओं के टकराने के आसार बन रहे हैं। वजह प्रमुख पद बन रहा है। पहले तो आपसी तालमेल में दोनों ने राहुल सिंह के जरिए नीलम राजेश सिंह को प्रमुख पद से अपदस्थ करवाने और राहुल सिंह को प्रमुख बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,अब अमित सिंह टाटा को पूर्व सांसद धनंजय सिंह प्रमुख पद के दावेदार के रूप में पेश कर राजनैतिक गलियारे में सनसनी फैला दिये है। टाटा ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। धनंजय का जौनपुर की राजनीति में जिले में एक खास पहचान है,मान,सम्मान है। लोग बहुत अदब करते हैं। श्री सिंह गरीबों के मसीहा है। पूर्वाचल में एक बाहुबली नेता के रूप में जाने जाते है। वर्तमान समय में उनकी पत्नी श्री कला सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष है। धनंजय सिंह ऐसे लीडर हैं जिनके पास जिले के हर विधानसभा,हर ब्लॉक,हर गांव में वोटर और सपोर्टर है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रामपुर कस्बे में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार अमित सिंह टाटा का समर्थन किये,मुख्य अतिथि के रूप में अमित सिंह को समर्थन देते हुए उन्होंने कहा कि सेवा ही इनका संकल्प होगा। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों को आश्वस्त किया कि यदि अमित सिंह प्रमुख पद की जिम्मेदारी संभालते हैं तो‌ बिना किसी भेदभाव के पात्रो तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जायेगा। कार्यक्रम के आयोजक प्रमुख पद के दावेदार अमित सिंह टाटा रहें। राहुल सिंह वर्तमान समय में रामपुर के प्रमुख है। जिनको प्रमुख बनाने में धनंजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जो आमतौर पर जनमानस में विदित है। सवाल यह उठता आखिर राहुल सिंह को प्रमुख बनाने में धनंजय सिंह की जब भूमिका रही तो अब विरोध क्यों। अमित सिंह टाटा प्रमुख पद के दावेदार है। उनका जनता की सभा में धनंजय ने पीठ थपथपा कर मैदान में उतार दिया। इधर विनीत सिंह मिर्जापुर के दिग्गज नेता है, पूर्वाचल के बाहुबली नेताओं में शुमार है। जो राहुल सिंह रामपुर के प्रमुख है उनके बेहद करीबी है। राजनैतिक मार्गदर्शक है। इन्हीं के बलबूते राहुल इस मुकाम तक पहुंचे हैं। इधर धनंजय ने जो राजनैतिक चाल चली उसके अपने मायने है। राहुल सिंह की कृपाशंकर सिंह से नजदीकी बढ़ी है। विनीत सिंह भी उनके बहुत खास है। कहीं न कहीं से ऐसा लग रहा राहुल सिंह का राजनैतिक धरातल काफी मजबूत हो रहा है। भविष्य में राजनीति में उनका कद बड़ा न हो इसलिए अमित सिंह टाटा को प्रमुख पद के दावेदार के रूप में धनंजय सिंह ने समर्थन करके इन्ही के बहाने, राहुल सिंह प्रमुख,विनीत सिंह और कृपाशंकर सिंह को चुनौती भी दे डाली। जब राहुल प्रमुख नहीं रहेंगे तो इनके सहयोगी भी कमजोर होंगे। अमित सिंह टाटा यदि प्रमुख बनेंगे तो धनंजय शाही चलेगी। नीलम राजेश सिंह रामपुर प्रमुख रहीं। अविश्वास लाया गया, जिसमें उनकी हार हुई, पद से इस्तीफा देना पड़ा। चुनाव हुआ तो राहुल सिंह चुनाव जीतकर प्रमुख बने। इस बीच नीलम सिंह के पुत्र विपिन्न सिंह का एक बयान आया यह मुन्ना बजरंगी की धरती है,यहां दूसरे तीसरे की नहीं चलेगी,एक प्रकार से यह कह करके विपिन्न सिंह ने धनंजय सिंह और विनीत सिंह को ललकारा। रामपुर के कशेरु में बजरंगी का घर है। निकेता सिंह भुवाल की पत्नी रामपुर प्रमुख रहीं। जो बजरंगी का परिवार है। जब नीलम सिंह प्रमुख के खिलाफ अविश्वास लाया गया। पद से इस्तीफा देना पड़ा, चुनाव हुआ राहुल सिंह प्रमुख बने तो धनंजय सिंह और विनीत सिंह को लेकर अधिकांश जनता में नाराजगी रहा। लोग उस समय कहना शुरु कर दिये थे कि एक महिला प्रमुख जो अच्छा कार्य कर रही थी को प्रमुखी नहीं करने दिया गया। हालांकि अभी प्रमुख पद के दावेदार अमित सिंह टाटा को आशीर्वाद देकर धनंजय सिंह ने जहां राहुल सिंह प्रमुख का राजनैतिक कद बढ़ा दिया। वहीं कृपाशंकर सिंह और विनीत सिंह को राजनैतिक चुनौती भी दे डाली। अभी प्रमुख पद का चुनाव होने में वक्त लगेगा। आरक्षण का निर्धारण होगा।सीट सामान्य होगा या और कुछ समय के गर्भ में है। लेकिन रामपुर प्रमुख पद को लेकर चुनावी हलचल तेज हो गया है। जेडी सिंह संपादक

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