माँ का महत्व निबंध माँ के बिना जीवन संभव नही है| माँ जननी है, असहनीय शारीरिक कष्ट के उपरान्त वह शिशु को जन्म देती है. व्यक्तिगत स्वार्थो को त्यागकर, अपने कष्टों को भूलकर वह शिशु का पालन-पोषण करती है. अपनी ...
Read More »ईश्वर जब अपने शरण मे आपको लेते है तब आपके अन्दर का मैं मिटता है और प्रभु की कृपा मिलनी शुरु होती है
अपने अन्दर के “मैं” को मिटाने का सूत्र*. के .के द्विवेदी 👉सुकरात समुन्द्र तट पर टहल रहे थे। उनकी नजर तट पर खड़े एक रोते बच्चे पर पड़ी। वो उसके पास गए और प्यार से बच्चे के सिर पर हाथ फेरकर ...
Read More »सनातन सत्यः सभी आत्माओं को जो झुकता है सभी दिलो पर राज करता है परमात्मा एक पिता जो सबको देता ही देता है,
नारायण पटेलः ःहरि ॐः सभी आत्माओं को जो झुकता है ओ सभी के दिलो पर राज करता है। अहंकार अभीमान का जिसको गर्व है जो कभी झुकता नहीं है मे पन का भाव है वाणी तो सभी ज्ञान की करते ...
Read More »सनातन धर्मः वैज्ञानिक खोजः हवन से फ्रांर्मिक एल्डिहाइड गैस उत्पन्न होती है, जो खतरनाक बैक्टीरिया, और जीवाणुओं को मारती है और वातावरण को शुद्ध करती है
🔥 *हवन का महत्व* 🔥 के के द्विवेदी नेवढ़िया।जौनपुर। _____________________ फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमें उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः 👇 आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती ...
Read More »भगवान श्रीकृष्ण समत्व के अभ्यास को ही समत्व योग संबोधित करते है, जिसमें दृढ़ स्थिति प्राप्त होने पर मनुष्य कर्म बंधन से मुक्त हो जाता है
🌸 कर्मबंधन 🌸 . एक राजा बड़ा धर्मात्मा, न्यायकारी और परमेश्वर का भक्त था। उसने ठाकुरजी का मंदिर बनवाया और एक ब्राह्मण को उसका पुजारी नियुक्त किया। . वह ब्राह्मण बड़ा सदाचारी, धर्मात्मा और संतोषी था। वह राजा से कभी ...
Read More »किसान जीवनभर मिट्टी से सोना उत्पन्न करने की तपस्या करता है, भारत की आत्मा किसान है, तपती धूप,मूसलाधार बारिश मे उसकी तपस्या जारी है, घनश्याम दूबे राष्ट्रीय सचिव लोकदल
जौनपुर। लोकदल.पार्टी के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम दूबे ने विशेष बातचीत मे कहां कि किसान त्याग और तपस्या का दूसरा नाम है । वह जीवन भर मिट्टी से सोना उत्पन्न करने की तपस्या करता रहता है । तपती धूप, कड़ाके की ...
Read More »साई बाबा की महिमा अपार,करते सबका बेडापार, सच्चे दिल से जिसने याद किया है, मांगी मुराद पाया है
(अनिरुद्ध, जोशी शतायु)महाराष्ट्र के पाथरी (पातरी) गांव में साईं बाबा का जन्म 28 सितंबर 1835 को हुआ था। कुछ लोग मानते हैं कि उनका जन्म 27 सितंबर 1838 को तत्कालीन आंध्रप्रदेश के पथरी गांव में हुआ था और उनकी ...
Read More »समय के बिना किसी की इच्छा पूर्ण ही नही हो सकती,जीवन की चाह ही पूर्व जन्म का कारण,मृत्यु के क्षण भी जीने की लालसा
||🚩🚩ll ऊँ जय गुरूदेवम् ll🚩🚩|| ******* पूनर्जन्म! ही दुख का घर है , और जीवन की इच्छा ही पूनर्जन्म का कारण है । इच्छाओं की तृप्ति के लिए प्रायाप्त समय चाहिए । एक इच्छा अभी पूरी भी नही हुई कि ...
Read More »धारकुंडी स्थित अघमर्षण कुन्ड महाभारत काल मे जहां युधिष्ठिर ने यक्ष के प्रश्नों का उत्तर दिये थे
धारकुंडी आश्रम स्थित झरना: चित्रकूट से लगभग पचास किलोमीटर दूर जंगलों के मध्य स्िथत है यह दिव्य स्थान। यहां पर अघमर्षण कुंड पर महाभारत काल में धर्मराज युधिष्ठिर द्वारा यक्ष के प्रश्नों के उत्तर देने के साथ ही स्थानीय जाति ...
Read More »सतसंगी का अंहकार टूटा और वह रो पडा़ मैं तो कुछ भी नहीं
एक बार एक सतसंगी को अहंकार हो गया कि मेरे जैसा भजन सिमरन करने वाला कोई नही तो उसके गुरू ने उसको कहा कि बेटा एक जंगल में एक दरख्त पर मेरा एक सेवक पक्षी बैठा है, उसको तू देख ...
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