जौनपुर। मड़ियाहूं महोत्सव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। स्थानीय विरासत,शख्सियत, धरोहर, परंपरा,पुरातन इतिहास को भावी पीढ़ी के लिए सहेजना,बताना आम तौर पर सबका दायित्व होता है।आत्म विकास की अनंत खुशी जब उजागर होता है तो महाउत्सव का बोध होता है। जो महोत्सव मे तब्दील हो जाता है। खण्ड विकास अधिकारी रामनगर रेनू चौधरी से शुक्रवार को इस परिप्रेक्ष्य मे बातचीत हुआ तो महोत्सव को परिभाषित करते हुए उन्होंने यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि प्रसन्न रहना और लोगों को प्रसन्न रखना यह भी महोत्सव है। कहां कि महोत्सव में नाना प्रकार के विधाओं का समावेश होता है। जो खुशीयों का संगम बनता है, जिसमें नृत्य, संगीत,नाटक,के अलावा अनेको कलाओं को निपुणता से जनमानस के बीच प्रस्तुत किया जाता है। सद् गुणों की प्रस्तुति खास तौर से साकारात्मकता का संदेश देता है जो मानव समाज के लिए हितकारी होता है। जेडी सिंह
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