जौनपुर। रामनगर विकास खण्ड का हाल बेहाल है। ग्राम सचिव ग्राम सभा के विकास के लिए अगर तत्पर है तो भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के योजनाओ का धरातल पर सुचारु रुप से क्रियान्वयन हो सकता है। कोरोना जैसी महामारी से देश के लोग जूझ चुके है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कितना सक्रिय है सभी लोग भलीभांति से जान सकते है। रामनगर विकास खण्ड के प्रत्येक ग्राम सभा मे सार्वजनिक सुलभ शौचालय बना है। अधिकांश शौचालय उपयोग मे नही है कुछ हो सकते है। लाखो रुपये का लागत और सरकार की मन्शा पर सचिव की वजह से पानी फिर रहा है। क्या यह जिम्मेदारी सचिव की नही है। बंद पड़े शौचालय को चालू कराये और जब योजना पूरा हो गया। व्यवस्था चालू होकर बंद क्यो। कही न कही से देखा जाय तो ग्राम सभा के सबसे बड़े अधिकारी ग्राम सचिव के मनमाना रवैये से सरकार की योजना फूस नजर आ रही है। तरती ग्राम सभा मे तरती नेवढिया मार्ग पर बना सामुदायिक सुलभ शौचालय उपयोग मे नही है ऐसा जान पड़ता है। दयनीय दशा कहानी बया कर रहा है। ऐसे न जाने कितने सामुदायिक सुलभ शौचालय रामनगर विकास खण्ड मे अपने दयनीय दशा पर आसू बहा रहे है। जेडी सिंह
जौनपुर: रामनगर विकास खण्ड का हाल बेहाल: स्वच्छ भारत मिशन योजना फूस, ग्राम सभाओ मे बने सामुदायिक सुलभ शौचालय अधिकांश दयनीय दशा मे आसू बहा रहे, ग्राम सचिव के मनमाना रवैये से खुले मे लोग फिर झाडा फिरना शुरु कर दिये है,जो ग्रामीण स्वच्छता अभियान की कलई को खोल रहा है










