सतगुरू दर्पण

सच्ची ख़बर… सतगुरू दर्पण | RNI No. UPHIN/2009/30616

एक सुधार पुन्ज से विद्युत विभाग लिख सकता है नया कीर्तिमान, विभाग के नजर मे निर्धारण से अधिक बिजली उपयोग करने वाला चोर हो सकता है शायद

जौनपुर। विद्युत विभाग का अपना नियम कानून है। जिसके तहत चाहे जैसे जिस उपभोक्ता को चाहे परेशान कर सकते है। चोर तो आसानी से बना सकते है मजनून बनाने मे माहिर होते है।आज इनके पावर से सब डर गये है,कोई बिलिग का रोना रो रहा है है तो कोई कह रहा है बिना मीटर रिडिंग के विद्युत विभाग ज्यादा बिल भेज रहा है। अब जागरुक उपभोक्ता बिल ज्यादा आया तो मीटर रीडिंग का वीडियो बना रहा है और विभाग मे दिखा रहा है तो कुछ रियायत मिल रहा है। किसी मामले मे जितना उपभोक्ता दोषी है उससे कम विभाग दोषी नही है। कभी कभी ऐसा भी होता है किसी परिवार मे पिता के नाम का कनेक्शन होता है,पिता का प्रणान्त हो जाता है, परिजन पिता के नाम से विद्युत का उपयोग करते है,जीवन पर्यन्त बिल अदायगी रही,कुछ लम्हा ही बीता विभाग ने अपना दाव दिखाया। बहुत से गांवो के घरो मे आज भी मीटर नही लगा है। बहुत से लोग विद्युत कनेक्शन का रसीद रख करके आज भी बिल आने और मीटर लगाने के इन्तजार मे है। अभी तक वह दिन आया नही, आगे राम जाने। विद्युत विभाग आज तक बिजली की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नही कर सका। बिजली चोरी की घटना चरम पर है। अधिकांश उपभोक्ता विद्युत विभाग के नजर मे बिजली चोर है। कनेक्शन का जो विद्युत उपयोग का निर्धारण है उससे अधिक विद्युत का उपयोग करना दण्डनीय अपराध है। शायद। वर्तमान समय मे यदि देखा जाय तो घरेलू कनेक्शन मे आबादी बढ़ने की वजह से यदि एक किलोवाट का कनेक्शन है तो विद्युत उपयोग बढ़ा है। अब तो घर घर मीटर लग रहा है। लगा है। काफी हद तक व्यवस्था मे सुधार हो रहा है। उपभोक्ता और विद्युत विभाग के आपसी समन्वय से आने वाला कल बेहतर हो सकता है और एक सुधार पुन्ज से विद्युत विभाग नया कीर्तिमान लिख सकता है। जेडी सिंह