रामनगर।जौनपुर। मानव जीवन मे लोग अपने फायदे के लिए अपना कायदा बिगाड रहे है। आज के परिवेश मे अधिकांश लोगो मे स्वार्थ की बदबू आ रही है।उपयोग होते रहिये लोगो को लाभ मिलता रहे तो आप बहुत अच्छे इन्सान,अपने बारे मे मत सोचिये,सोचेंगे तो खतरा है। अगर आप अच्छा कार्य करना चाह रहे है, अच्छी सोचे रख रहे तो भी ठीक नही। आज समाज न तो ठीक से जीने दे रहा है न मरने दे रहा है। गुलाम,चापलूस, चाटुकार बने है लोगो की जी हजूरी कर रहे तो बहुत अच्छे इन्सान है। नही तो आप सबसे बेकार है। गलती कोई करे, घर परिवार गांव समाज,ब्लाक, तहसील, जिला,देश प्रदेश के लोग आवाज मत उठाइये। नही तो कही से घेर लिये जायेगे। कुचल दिये जायेगे। सब अपने रंग मे रंगे है। बहुत अच्छे इन्सान भी है। जिनकी रईसियत की आज भी चर्चा है। भारत भूमि साधु संतो की तपोभूमि है। जहा सत्य सनातन है। जो शान्ति का प्रतीक है। बाबजूद नफरत मे लोग जी रहे है। एक दूसरे के प्रति हीन भावना रंखा जा रहा है। आपसी गुटबाजी,अहंकार की पराकाष्ठा से इन्सान टूट रहा है। बिखर रहा है। कास्ट फीलिंग लोगो मे ज्यादा है।मानवता और इन्सानियत कमजोर हुआ है। राजनीति मे नीति से ज्यादा अनीति है। वर्चस्व मे अमूमन लोग जीना चाह रहे है। आज के परिवेश मे पैसा ही सब कुछ है। इसके लिए इन्सान कितना नीचे गिर सकता और दूसरे को कितना गिरा सकता है कुछ कहा नही जा सकता है। जो असहाय निर्बल होता है भगवान सदैव उसके साथ रहते है और उसकी रक्षा करते है। अनैतिकता पर मत बोलिये,किसी को नैतिकता का पाठ मत पठाईये। डिजिटल युग मे लोग डिजिटल हो गये है। उसी तरह का आचरण और व्यवहार कर रहे है। ईमानदार अधिकारी,कर्मचारी भी है। भ्रष्ट भी है। कुछ अधिकारी राजनीति के मर्मज्ञ होते है। कुशल नीतिज्ञ होते है। जैसा देखते है वैसा खेलते है। कुछ न करेगे तो दो गोल के राजनीतिज्ञो को आपस मे भिडा देगे। फिर राजनीति शुरु हो जाती है। राजनीति मे दलो के बड़े बडे नेता आ जाते है। जिसकी सत्ता मे पकड़ होती है। उसकी चलती है और भ्रष्टाचार मुक्त भारत की ओर तेजी से कदम बढ़ने लगता है। जेडी सिंह संपादक