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भारत के सनातन धर्म के रहस्य को जान पाना आसान नही,जौनपुर के रामनगर ब्लाक के श्री लौहार देव बाबा एक दर्जन गांवो के दूबे परिवार के हजारों लोंगो के है मार्ग दर्शक,नैतिकता पर खुश तो अनैतिकता पर जाते है रुठ,सर्प के बाल रुप मे घरो मे देते है दिखाई,सही रास्ते आने पर हो जाते है विलुप्त,13 फरवरी को है वार्षिकोत्सव, तीन दिवसीय अध्यात्मिक आयोजन

जौनपुर। भारत के सनातन धर्म के रहस्य को जान पाना आसान नही है। जीवत्व, शिवत्व,रामत्तव के दर्शन मे सभी जीवो के कल्याण की बात है। मानव संसार मे पिण्ड और ब्राहमान्ड का समय चक्र के अनुसार गति है। ब्रम्ह और शक्ति से मानव समाज का उपज है। पिता ब्रम्ह तो माता शक्ति है। जिला मुख्यालय से लगभग तीस किलोमीटर की दूरी पर रामनगर ब्लाक मुख्यालय के जुड़पुर अटरिया मार्ग से आधा किलोमीटर की दूरी पर पूर्व दिशा मे सारंगडीह,बुद्धीपुर,मड़ियाहू जौनपुर उत्तर प्रदेश भारत मे श्री लौहार देव बाबा का दिव्य, भव्य, नव्य मंदिर है। रमणीयता मनमोहक है। वेद मंत्रो के उच्चारण का वातावरण है। सुबह शाम आरती भजन पूजा के बाद सहज ही मन एकाग्र करने पर ईश्वर की अनूभूति मिलने लगती है। मन का विचलन थम जाता है। विचार आने बंद हो जाते है। गंभीर मौन मे आत्मा का परमात्मा से जुड़ाव हो जाता है। दूर, दूर से साधक आते है। बाबा का दर्शन करते है और साधना मे लीन होकर भगवत प्रसाद रुपी अमृत का पान करते है और आध्यात्मिक उर्जा से भरपूर हो जाते है। लौहार देव बाबा रामनगर विकास खण्ड के एक दर्जन गांवो के दूबे परिवार के पूर्वज है। जिसमे,अहिरौली,बासापुर,सुमेशरपुर,जुड़पुर,सारंगडीह,नोकरा,ननौटी,बहरी,मेउडिया,पाण्डेयपुर,
आदीपुर,बशीरपुर आदि गांव शामिल है। श्री लौहार देव बाबा धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष घनश्याम दूबे (साहब जी) ने बताया कि पूज्य लौहार देव बाबा जी एक दर्जन गांवो के दूबे परिवार के कुल देवता है। आज भी पूज्य के आशीर्वाद से दुबे परिवार को सर्प नही काटता है। यदि काट भी लिया तो जहर बेअसर हो जाता है। मौत नही होती है। यदि बाबा के वंश परिवार मे कोई अनैतिकता के राह पर भटका तो बाबा सर्प के बालरुप मे बहुतायत संख्या मे घर मे दिखाई देने लगते है। लोग समझ जाते है कोई गलती हुई है। याचना करने और सही मार्ग अपनाने पर साप के बच्चे दिखाई देना बंद हो जाते है। अगर देखा जाय तो लौहार देव बाबा की कृपा से हजारो लोंगो का दूबे परिवार सुखी संपन्न खुशहाल है। मार्ग दर्शक के रुप मे बाबा आज भी अगहर होकर कृपा बरषा रहे है। मांगलिक कार्य मे पहले बाबा जी की पूजा होती है। नागपंचमी के दिन अमूमन परिवार के लोग चाहे देश दुनिया मे कही भी हो लौहार देव बाबा के दर्शन पूजन के लिए आते है। अपने कुल देवता का पूजा करके फिर अपने,अपने मुकाम को जाते है। बताया जाता है कि लौहार देव बाबा दूबे परिवार मे सर्प रुप मे जन्म लिये थे। जिनकी छाया आज भी दूबे परिवार के लोगो के साथ साया बन करके चल रही है। श्री लौहार देव बाबा के वार्षिकोत्सव के शुभ अवसर पर श्री लौहार देव बाबा धाम ट्रस्ट द्वारा श्रीराम चरति मानस पाठ एवं विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है। जिसमे 13 फरवरी 2025 को श्रीराम चरित मानस पाठ का शुभारंभ होगा और 14 फरवरी को हवन पूजा के बाद विशाल भण्डारा होगा जो 15 फरवरी सायंकाल तक चलेगा। श्री लौहार देव बाबा की महिमा अपार है। आज भी हजारों दूबे परिवार के मार्ग दर्शक है। जेडी सिंह संपादक

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