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चर्चा परिचर्चा मे हर कोई योगी सरकार का तारीफ कर रहा है,लेकिन यह कहने मे लोग गुरेज नही करते भ्रष्टाचार चरम पर है,बात यह भी होती है राजशाही पर‌ नौकरशाही हाबी है,भ्रष्टाचार तभी खत्म होगा जब हम सभी भारतवासी ईमानदार बनने का संकल्प लेंगे या मोदी और अमित शाह चाहे तो भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है,राम जाने

जौनपुर। चर्चा परिचर्चा में हर कोई लोग योगी सरकार की तारीफ कर‌ रहे है। इसमें दो राय नहीं है। विकास की चर्चा है। गांव हो चाहे शहर सब जगह रिकॉर्ड तोड विकास हुआ है।‌ लोग तारीफ के पुल बांध रहे है।‌अपराध घटा है। लोग सुकुन से जीवन यापन कर रहे है।‌ भ्रष्टाचार की बात आती है तो लोग बेवाकी से चाहे भाजपा के कुछ नेता हो चाहे और अन्य दल‌ के नेता हो चाहे आम मतदाता हो‌ यह कहने मे ‌गुरेज‌ नहीं करते कि योगी सरकार मे भ्रष्टाचार चरम पर‌ है, जिसे रोक पाने में नाकाम है। यह भी कहा जाता है भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होगा। इसकी जड़ बहुत मजबूत है। इसके पहले की सरकार में‌ भ्रष्टाचार रहा है। भ्रष्टाचार देखा जाय तो एक प्रकार से भारत देश में कोढ़ का रुप ले लिया है। यह उत्तर प्रदेश में ही नहीं भारत के हर राज्यो मे है। यह भी कहा जा रहा है राजशाही पर‌ नौकरशाही हाबी है।‌ वृहस्पतिवार को सतगुरु दर्पण‌ के संपादक को देखने सरदार सिंह वरिष्ठ भाजपा नेता जौनपुर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रम्हदेव मिश्र, जौनपुर, अरविंद सिंह जफराबाद,अरविंद सिंह मखडू सुभासपा प्रदेश महासचिव, पूर्व प्रमुख रामनगर आये थे। इसके अलावा बहुत से लोग आये। जिसमें दूसरे दल के नेता रहे, प्रबुद्ध वर्ग के अलावा वरिष्ठ पत्रकार के साथ आम मतदाता भी शामिल रहे। भाजपा को लेकर जब,जब, जिससे भी चर्चा शुरु हुई। मोदी और योगी की तारीफ में पुल तो बांधा गया। लेकिन भ्रष्टाचार को लेकर खुल‌ के बात‌ कहीं गयी।‌ कहा गया भ्रष्टाचार चरम पर है। जिसे रोक पाना एकदम आसान नहीं। भ्रष्टाचार आज का नहीं है। यह‌ बहुत पहले से है।‌ सरकार में जब बैठे अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी भ्रष्ट हैं तो कैसे भ्रष्टाचार रुकेगा,आज‌ के परिवेश में ईमानदार अधिकारी की कमी महसूस की जा रही है। कमीशनखोरी का जलवा अलग है। विकास में गुणवत्ता रहे या न रहे। कुछ अधिकारी कर्मचारी इतने बेईमान और भ्रष्ट हैं उन्हें कमीशन चाहिए, हालांकि बहुत से ईमानदार और अच्छे अधिकारी भी है जिनकी वजह से सरकार चल रही और उसकी गरिमा बनी है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में बड़े बड़े बाहुबली माफिया भी शामिल है। धनबल की ताकत है। वोट खरीदकर जनप्रतिनिधि बनते हैं।‌इसके बाद उनका एक अलग जलवा है। बड़ी बड़ी,महंगी गाड़ियों का काफिला लिये घूम रहे है। आगे पीछे सौ पचास लोग दौड़ने वाले है। यहीं लोग मानव समाज की शान बने हैं। भ्रष्टाचार तभी खत्म होगा,जब हम सभी भारतवासी ईमानदार बनने का संकल्प लेंगे। जगदीश सिंह जेडी संपादक जौनपुर

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