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पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड जौनपुर के अधिशासी अभियन्ता के पहल पर नेवढिया उपकेन्द्र के उपभोक्ता जगदीश सिंह का 9 साल बाद लगा विद्युत मीटर और हुई बिलिग

जौनपुर। पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम अनवरत जनसेवा के कार्य मे जुटा है। बिजली खरीदना और उपभोक्ताओ को बेचना इनका कर्म है। बिजली की जरुरत से सभी वाकिफ है। बगैर इसके मानव समाज का विकास और दिनचर्या पूरा नही हो सकता। वर्तमान समय मे विद्युत व्यवस्था मे व्यापक सुधार है। जर्जर तारो व खंभो को बदला जाना गति से जारी है। विभाग के पास अधिकारी और कर्मचारी की कमी है और समस्याओ का वर्णन काफी है। बाबजूद उपभोक्ताओ के समस्याओ के निस्तारण मे तेजी है। विद्युत उपकेन्द्र नेवढिया के उपभोक्ता जगदीश सिंह पुत्र श्री स्व• हरिहर सिंह ग्राम बर्राह द्वारा 21•10•2014 को विभागीय औपचारिकता पूरी करके विद्युत कनेक्शन की रसीद को प्राप्त किया गया। बहुत पहले प्रयास किया गया मीटर लग जाय और बिल मिल जाय तो बिल भर दिया जाय। सफलता न मिल सका। इस संबंध मे अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय दिग्विजय सिंह को 25•8•2023 को आवेदन किया गया और मीटर लगाने और बिजली बिल देने की मांग की गयी। जिसको अधिकारी ने फौरी तौर पर संज्ञान लेते हुए विभाग के संबंधित जनो को आवश्यक निर्देश देते हुए विद्युत मीटर लगाने और बिजली बिल देने को निर्देशित किया। मीटर लगाने वाला 19•9 •2023 दिन मंगलवार को दोपहर मे उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर फोन किया और मीटर लगाने की बात कही। थोड़ी देर बाद विभाग का भेजा आदमी आया और घर के परिसर के बाहर मीटर लगाकर बिजली चालू किया। विद्युत विभाग के जानकार की माने तो विद्युत कनेक्शन के समय ही मीटर लगाने का प्राविधान है। इसके बाद मीटर रिडिंग करके बिजली बिल उपभोक्ता को देना है। 9 साल बाद विद्युत मीटर लगना और हजारों रुपये का बिजली बिल देना उपभोक्ता के लिए थोड़ी परेशानी का सबब है। समय से मीटर लग गया होता और बिल की प्रक्रिया शुरु रहता तो हर महीने उपभोक्ता आसनी से बिजली बिल भरते रहता। अचानक उस पर इतना आर्थिक बोझ न बनता। दरअसल अगर विभाग जाच करे तो ग्रामीण परिवेश मे मीटर न के बराबर लगे है। उपभोक्ता विद्युत उपयोग कर रहे है। जो मीटर लगे भी है रिडिंग होती है नही होती है। सस्पेंस बना है। अधिकांश उपभोक्ता की घरेलू बिजली का बिल टेबल से होता आ रहा है। कभी,कभी बिल ज्यादा होने पर उपभोक्ता जब हो हल्ला करते है तो सुधार किया जाता है। ऐसा दस्तूर अक्सर देखा जाता है। अधिशासी अभियन्ता से जब इस सिलसिले मे बात हुई तो उन्होंन कहा कि उपभोक्ताओ के समस्याओ का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। विद्युत व्यवस्था मे व्यापक सुधार है। कही न कही से लोगो के समझ मे आ रहा है कि ठेकेदारी व्यवस्था से अनेको प्रकार के समस्याओ को बढ़ावा मिला है। मीटर का न लगना, रिडिंग के बगैर टेबल बिलिग,डोर टू डोर बिल न पहुंचना इन सब समस्याओ के अलावा कुछ अन्य समस्या का जड ठेकेदारी प्रथा को लोग मान रहे है।

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